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उद्योग-व्यापार में बरकत, नौकरी प्रमोशन, पारिवारिक कलह, पति-पत्नी में अनबन, शादी-विवाह की समस्या, कोर्ट-कचहरी के निकारण, दुश्मनी खत्म करना, पढ़ाई में मन नहीं लगना, किसी काम में मन नहीं लगना, ऊपरी बाधाओं से छुटकारा

धनहीन को धनवान तथा भाग्यहीन को भाग्यवान (ईश्वरीय शक्ति के विद्यमान होने के प्रमाण )

हवन योग से समस्या का हल
जो जातक जटिल बीमारियों से ग्रस्त हैं, ऐसी बीमारियां जो डॉक्टर ठीक नहीं कर पाते तथा व्यक्ति निराश होकर घर बैठकर भगवान से प्रार्थना करता है, उस स्थिति में दरबार में आते ही रोगी को तत्काल फायदा मिल जाता है। इसी तरह किसी लड़का-लड़की की शादी नहीं हो रही और अनेक बाधाएं आ रही हैं, ऐसे मांगलिक कार्य दरबार में हवन योग से सही हो जाते हैं। इसमें हर जातक को एक विशिष्ट हवन कराना पड़ता है जिससे वह जटिल बीमारी से मुक्ति पा लेता है। इसी तरह हवन योग कराकर मांगलिक कार्य होने लगते हैं। भयंकर ऊपरी बाधाओं (जादू-टोना) से ग्रस्त जातक प्रसन्नत चित्त होकर अपना नियमित कर्म बड़े ही आराम से करने लगता है एवं दिनोंदिन तरक्की के मार्ग पर चलता रहता है।
सभी समस्याओं का निदान
जातक की समस्या किसी भी प्रकार की हो, दरबार में आते ही वह छूमंतर हो जाती हैं। उद्योग-व्यापार में बरकत, नौकरी प्रमोशन, पारिवारिक कलह, पति-पत्नी में अनबन, शादी-विवाह की समस्या, कोर्ट-कचहरी के निकारण, दुश्मनी खत्म करना, पढ़ाई में मन नहीं लगना, किसी काम में मन नहीं लगना, ऊपरी बाधाओं से छुटकारा आदि हर समस्या जल्द ठीक हो जाती है।

मातारानी का सच्चा दरबार
जो भक्त yogi baba mukti dham aashram दरबार में पहली बार आता है वह यहीं का होकर रह जाता है। उसे जब एहसास होता है कि हमारी समस्या को क्षणभर में ही समाप्त हो गई है। फिर वह घर पहुंचकर और दस लोगों को yogi baba mukti dham aashram के बारे में बताता है जिससे भक्तों का जुड़ाव अपने आप होता जाता है। यहां हजारों लोग अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए हर शनिवार को रात 8 बजे तक पहुंच जाते हैं।
जटिल बीमारियां
हर प्रकार का कैंसर, एडस, टीबी, लकवा, मानसिक रोग, मिर्गी, सफेद दाग, थाइराइड (घुटनों, कमर में पुराना दर्द), किडनी, हार्ट, पथरी, वबासीर, डायबिटीज (शुगर), महिलाओं की बीमारियां आदि अनेक प्रकार की जटिल बीमारियों का इलाज बड़ी ही सरलता से हो जाता है। जहां डॉक्टर हार मान जाते हैं वहां दरबार में मरीज रो-रोकर आता है और हंसकर जाता है।
पृथ्वी पर जड़ और चेतन हर पदार्थ में ज्ञान शक्ति के रूप में दैवीय शक्ति कार्य कर रही है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण yogi baba mukti dham aashram Haridwar में देखा जा सकता है। यह दरबार वर्ष 1986से निरन्तर है। आज जहां एक ओर विज्ञान द्वारा आधुनिक यंत्रों से मनुष्य के अन्दर उत्पन्न व्याधियों का बड़े शहरों में लाखों रुपया खर्च करके सी.टी. स्केन/ एमआरआई/ कार्डियोग्राफी जैसे अनेकों प्रकार की जांच करके पता लगाया जाता है वहीं यहां पर जांच का सटीक विवरण yogi baba के दरबार में व्याधिग्रस्त मनुष्य के उपस्थित होने पर पलभर में कर दिया जाता है, इससे भी आगे उस व्यक्ति के साथ भूतकाल से घटित घटना/ तथा बीमारी उत्पन्न करने वाली प्रेत आत्मा का उल्लेख जो उस व्यक्ति को स्वप्न में दिखाई देकर प्रभावित करके काल का योग बना रही है उसके संकेत एवं प्रमाण दरबार में दिए जाते हैं। विगत 21-22 वर्षों से yogi baba के दरबार में देश-विदेश के अनेकों शहरों, गांवों के असंख्य निराश व्यक्ति जो कैंसर, एड्स, ट्यूमर, लकवा, किडनी, मिर्गी, हृदय रोग निसंतान और ऐसी जघन्न व्याधि जो मेडिकल साइंस से परे थी का इलाज सफलता पूर्वक कराकर व्याधिमुक्त हुए हैं और निरन्तर लोग उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। ईश्वरीय शक्ति के विद्यमान होने के प्रमाण हेतु दरबार में माताजी घोर ज्वाला, महाकाली के रूप में उदय होती है काली, दुर्गा आदि समस्त शक्तियां उनके अंश हैं- काल/अकाल उनकी भुजा में धारण हैं वे मनुष्यों के भाग्य उदय करती हैं, बनाती हैं। धनहीन को धनवान तथा भाग्यहीन को भाग्यवान भी वे बनाती हैं वे काल की भी काल हैं ऐसी माता महाकाली त्रिलोक जननी हैं और वे कण-कण में व्याप्त हैं। मनुष्य देह में निराकार एवं सत्व रूप में विद्यमान है। इस प्रकार वेदों/ पुराणों में वर्णित महाकाली की महिमा को साक्षात दरबार में देखा और अनुभव किया जा सकता है और उनके दर्शन पाकर मनुष्य जीवन की सार्थकता प्राप्त कर सकते हैं इसमें कोई संदेह नहीं है।आप भी एक बार महाकाली दरबार में आकर स्वयं प्रत्यक्ष अनुभव कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
दरबार में भक्तों की अर्जी
महाकाली के दरबार में सबसे पहले हर भक्त की एक अर्जी लगती है। जिसमें एक नारियल, 250 ग्राम गेहूं, अगरबत्ती, कपूर, पुष्प, प्रसाद एवं दक्षिणा होती है। दरबार में एक तरफ महिलाएं व दूसरे तरफ पुरुष लाइन से बैठते हैं। जिसका नंबर आता है वह अर्जी लेकर गद्दी के समक्ष बैठ जाता है। अपने दोनों हाथों को सिर से पैर के नीचे तक तीन बार फेरता है। इसके बाद मातारानी जी भक्तों की अक्षरस: समस्या स्वत: ही बताती हैं। इसके बाद वह उनका उपाय बताती हैं जिससे भक्त को तत्क्षण लाभ हो जाता है।

रक्षा कवच
रक्षा कवच धारण करें तो रक्षा कवच एक साल के लिए दरबार वहीं बनाकर द्वारा दिया जाता है। जिससे आने वाली बाधा या नहीं आकर सालभर तक रक्षा करती है। एक साल से पहले भक्त को दरबार में आकर पुन: रक्षाकवच को बदलवाकर धारण करना पड़ता है।

OM GURUDEVAY NAMAH

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YOGI BABA Ji
Address : Yogi baba Vashikaran Dham, Mukti Dham Ashram, Shamsan Ghat, Har ki Pauri, Haridwar, Uttrakhand.
Contact # +91-9582534769

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