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Vashikaran Mantra

हमारे समाज में अक्सर यह देखने में आता है कि पति पत्नी के आपसी रिश्ते कडवाहट में बदल जाते है ! कई बार पुरुष परायी स्त्री के चंगुल में फंस जाते है और अपनी पत्नी बच्चो तक को भूल जाते है ! इसी प्रकार स्त्रियाँ भी अपने पति को भूल पर-पुरुष के जाल में फंस जाती है ! केवल पति पत्नी ही नहीं पिता पुत्र के रिश्ते में भी विद्वेषण आदि तांत्रिक प्रयोगों द्वारा कडवाहट पैदा हो जाती है !
ऐसे में वशीकरण मंत्र ही इस कडवाहट को खत्म करने का सबसे सरल उपाएँ है ! प्रस्तुत मंत्र द्वारा आप अपनी इस प्रकार की सभी समस्याओं का निवारण कर सकते है ! इतना ही नहीं इस मंत्र द्वारा आप अपने मालिक का वशीकरण कर सकते है और नौकर का भी ! इसके अलावा प्रेमी प्रेमिका और सगे सम्बन्धियों का वशीकरण कर उनसे इच्छित कार्य करवाया जा सकता है !

हम यहाँ वशीकरण से सम्बंधित एक सरल प्रयोग दे रहे है ताकि आपको यह ना लगे कि हम जानबूझकर कठिन प्रयोग देते है जिसका आम आदमी प्रयोग भी ना कर पायें !
|| मंत्र ||
सत नमो आदेश ! गुरूजी को आदेश ! ॐ गुरूजी !
ॐ कौली आई मात की लीजे दो कर जोड़ आगे पांच
महेश्वर पीछे देवी देवता तैतीस करोड़ करे कौली मुखे
बाला हिर्दे जपो तपो श्री सुंदरी बाला औ कौली
आवे कौली जावे कौली गत गंगा में समावे सुगुरा होके
कौली चेते इको त्तर सौ पुरुषा ले उतरे पार,
नुगुरा होके कौली चेते गत गंगा के भार आई लेजा
बरसे धर्ती निपजे आकाश सांधा पार जुठी आद शक्ति महामाई !
श्री नाथजी गुरूजी को आदेश ! आदेश ! आदेश ![/sociallocker]
|| विधि ||
ग्रहण काल में १०८ बार जप करे ! ऐसा करने पर मंत्र सिद्ध हो जायेगा !
|| प्रयोग विधि ||
इस मंत्र को २१ बार पढ़कर किसी भी वस्तु को अभिमंत्रित करे और इच्छित व्यक्ति को खिला दे ! आपका कार्य सिद्ध हो जायेगा !

 

सफेद गुंजा की जड़ को घिस कर माथे पर तिलक लगाने से सभी लोग वशीभूत हो जातेहैं।

यदि सूर्य ग्रहण के समय सहदेवी की जड़ और सफेद चंदन को घिस कर व्यक्ति तिलक करेतो देखने वाली स्त्री वशीभूत हो जाएगी।

राई और प्रियंगु को ÷ह्रीं’ मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके किसी स्त्री के ऊपर डाल दें तो वह वशमें हो जाएगी।

शनिवार के दिन सुंदर आकृति वाली एक पुतली बनाकर उसके पेट पर इच्छित स्त्री कानाम लिखकर उसी को दिखाएं जिसका नाम लिखा है। फिर उस पुतली को छाती सेलगाकर रखें। इससे स्त्री वशीभूत हो जाएगी।

बिजौरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ पीसकर जिसे सुंघाया जाए वहवशीभूत हो जाएगा।

नागकेसर को खरल में कूट छान कर शुद्ध घी में मिलाकर यह लेप माथे पर लगाने सेवशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

नागकेसर, चमेली के फूल, कूट, तगर, कुंकुंम और देशी घी का मिश्रण बनाकर किसीप्याली में रख दें। लगातार कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका तिलक लगाते रहने सेवशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

शुभ दिन एवं शुभ लग्न में सूर्योदय के पश्चात उत्तर की ओर मुंह करके मूंगे की माला सेनिम्न मंत्र का जप शुरू करें। ३१ दिनों तक ३ माला का जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है।मंत्र सिद्ध करके वशीकरण तंत्र की किसी भी वस्तु को टोटके के समय इसी मंत्र से २१ बारअभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति पर प्रयोग करें। अमुक के स्थान पर इच्छित व्यक्ति कानाम बोलें। वह व्यक्ति आपके वश में हो जाएगा। मंत्र इस प्रकार है –

ऊँ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुक महीपति मे वश्यं कुरू कुरू स्वाहा।

रवि पुष्य योग (रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र) में गूलर के फूल एवं कपास की रूई मिलाकरबत्ती बनाएं तथा उस बत्ती को मक्खन से जलाएं। फिर जलती हुई बत्ती की ज्वाला सेकाजल निकालें। इस काजल को रात में अपनी आंखें में लगाने से समस्त जग वश में होजाता है। ऐसा काजल किसी को नहीं देना चाहिए।

अनार के पंचांग में सफेद घुघची मिला-पीसकर तिलक लगाने से समस्त संसार वश में होजाता है।

कड़वी तूंबी (लौकी) के तेल और कपड़े की बत्ती से काजल तैयार करें। इसे आंखों मेंलगाकर देखने से वशीकरण हो जाता है।

बिल्व पत्रों को छाया में सुखाकर कपिला गाय के दूध में पीस लें। इसका तिलक करकेसाधक जिसके पास जाता है, वह वशीभूत हो जाता है।

कपूर तथा मैनसिल को केले के रस में पीसकर तिलक लगाने से साधक को जो भी देखताहै, वह वशीभूत हो जाता है।

केसर, सिंदूर और गोरोचन तीनों को आंवले के साथ पीसकर तिलक लगाने से देखने वालेवशीभूत हो जाते हैं।

श्मशान में जहां अन्य पेड़ पौधे न हों, वहां लाल गुलाब का पौधा लगा दें। इसका फूलपूर्णमासी की रात को ले आएं। जिसे यह फूल देंगे, वह वशीभूत हो जाएगा। शत्रु के सामनेयह फूल लगाकर जाने पर वह अहित नहीं करेगा।

अमावस्या की रात्रि को मिट्टी की एक कच्ची हंडिया मंगाकर उसके भीतर सूजी काहलवा रख दें। इसके अलावा उसमें साबुत हल्दी का एक टुकड़ा, ७ लौंग तथा ७ कालीमिर्च रखकर हंडिया पर लाल कपड़ा बांध दें। फिर घर से कहीं दूर सुनसान स्थान पर वहहंडिया धरती में गाड़ दें और वापस आकर अपने हाथ-पैर धो लें। ऐसा करने से प्रबलवशीकरण होता है।

प्रातःकाल काली हल्दी का तिलक लगाएं। तिलक के मध्य में अपनी कनिष्ठिका उंगलीका रक्त लगाने से प्रबल वशीकरण होता है।

कौए और उल्लू की विष्ठा को एक साथ मिलाकर गुलाब जल में घोटें तथा उसका तिलकमाथे पर लगाएं। अब जिस स्त्री के सम्मुख जाएगा, वह सम्मोहित होकर जान तकन्योछावर करने को उतावली हो जाएगी।

OM GURUDEVAY NAMAH

        OM GURUDEVAY NAMAH

YOGI BABA Ji
Address : Yogi baba Vashikaran Dham, Mukti Dham Ashram, Shamsan Ghat, Har ki Pauri, Haridwar, Uttrakhand.
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